हमारे बारे में

गाँव से शुरू हुआ,
गाँव के नाम से।

उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार से।

एक सीधा-सा सवाल

GaonDwar एक सीधे सवाल से शुरू हुआ: हमारे गाँवों की सबसे असली चीज़ें शहरों तक बिना अपने नाम, अपनी कहानी और बनाने वालों को सही दाम दिए क्यों पहुँचती हैं?

हमने शुरुआत गाँव से ही की — खेत, कारीगर और परम्पराएँ — और एक ऐसा ब्रांड बनाया जो तीनों को साथ लेकर चले। हमारा हर उत्पाद बताता है कि वह कहाँ से आया, और हर परम्परा वैसे समझाई जाती है जैसे वह घर में निभाई जाती है।

हम क्या करते हैं

तीन काम, एक साथ।

01

पूजा सामग्री और डिब्बे

पूरी पूजा की सामग्री, विधि के अनुसार तैयार — शुरुआत सत्यनारायण कथा से। त्योहारों के और डिब्बे आगे आएँगे।

02

गाँव की कारीगरी

कारीगर क्लस्टरों की हस्तकला, उस जगह और कला के नाम के साथ जहाँ से वह आती है। गाँव के खाद्य उत्पाद आगे आएँगे।

03

संस्कृति और कंटेंट

पूजा विधि, लोक गीत और भजन — गाँवों में परम्पराएँ जैसे सच में निभाई जाती हैं, वैसे दर्ज करना।

पहला कदम: सत्यनारायण कथा

हमारा पहला डिब्बा prelaunch पर है।

Prelaunch देखें →