परम्परा
जैसे घरों में होता है,
वैसे ही।
पूजा सिर्फ़ सामग्री नहीं है। कथा, विधि, भजन और लोक गीत — गाँवों में परम्पराएँ जैसे सच में निभाई जाती हैं, हम उन्हें वैसे ही दर्ज कर रहे हैं।
भजन और आरती
आरती और भजन, जैसे घरों में गाए जाते हैं — हर त्योहार के साथ।
जल्दलोक गीत
किस गाँव के हैं, कब गाए जाते हैं — गीत के साथ उसकी जगह का नाम।
जल्दपोथी सीरीज़
हाथ से लिखी, घर में गाई गई।
परिवारों की पुरानी कॉपियों में लिखी वंदनाएँ और स्तुतियाँ — पन्ने की तस्वीर और साफ़ लिखावट के साथ। पहली पोथी: एक पारिवारिक कॉपी से गणेश वंदना।
जल्द, हमारे चैनलों पर।