सत्यनारायण कथापूजन सामग्री
पूरी पूजा की सूखी सामग्री, एक डिब्बे में — 21 सामग्री, सत्यनारायण व्रत कथा की पुस्तक, भगवान का चित्र और आचार्य जी की विधि। ताज़ी और खाने की चीज़ें आपके घर से।
प्री-ऑर्डर पर तैयार · कोई खाद्य सामग्री नहीं
हाथ में लेने से पहले देखिए।
डिब्बे को चारों ओर घुमाइए, खोलिए, और देखिए हर सामग्री अपनी जगह कैसे बैठती है।
चारों ओर घुमाने के लिए खींचें · टैप से खोलें / बंद करें
डिब्बे में क्या है, और कहाँ से।
हर सामग्री की सूची, पहले से। जिस सामग्री का स्रोत तय है, उसके साथ उस जगह का नाम लिखा है।
पाँच अध्याय, एक व्रत।
एकदा नैमिषारण्ये ऋषयः शौनकादयः। पप्रच्छुर्मुनयः सर्वे सूतं पौराणिकं खलु॥
एक बार नैमिषारण्य में शौनक आदि ऋषियों ने पुराणों के ज्ञाता सूत जी से प्रश्न किया — और यहीं से सत्यनारायण व्रत कथा शुरू होती है।
नारद जी का प्रश्न
कलियुग में लोगों का दुःख कैसे दूर हो? भगवान विष्णु नारद जी को सत्यनारायण व्रत बताते हैं।
ब्राह्मण और लकड़हारा
काशी का एक निर्धन ब्राह्मण व्रत करता है, उसके दिन बदलते हैं — और उसे देखकर एक लकड़हारा भी।
साधु वैश्य का वचन
राजा उल्कामुख को व्रत करते देख साधु वैश्य संतान होने पर व्रत का वचन देता है, पर उसे टालता जाता है।
लीलावती और कलावती
वचन भूलने का फल, फिर पत्नी लीलावती और पुत्री कलावती के व्रत से घर लौटने की कथा।
राजा तुंगध्वज
प्रसाद का अनादर करने वाले राजा की कथा — और यह सीख कि प्रसाद का मान हर हाल में है।
पूरी कथा और आचार्य जी की विधि, डिब्बे की पुस्तक में।
गाँव से आपके द्वार तक।
हर डिब्बा चार पड़ाव से होकर आता है।
स्रोत
सामग्री उन जगहों से, जो उसके लिए जानी जाती हैं — हरिद्वार, कन्नौज, हाथरस, खुर्जा।
विधि
कथा की पुस्तक और पूजा की विधि — आचार्य जी की परम्परा के अनुसार।
डिब्बा
हर सामग्री अलग पैक, अपने खाने में — हम हाथ से भरते हैं।
आपका द्वार
प्री-ऑर्डर पर तैयार, सीधे आपके घर।
अपने घर से
जो ताज़ा चाहिए या खाने की चीज़ है, वह हम नहीं भेजते — आपके घर और बाज़ार का ही सही रहता है।
- नारियल, केले और पान के पत्ते
- फूल, माला, तुलसी दल, आम के पत्ते
- दूध, दही, घी, शहद, शक्कर — पंचामृत
- पंचमेवा · आटा, सूजी, गुड़ — प्रसाद
- अक्षत, सुपारी, हल्दी · घी या तेल, माचिस
डिब्बे के साथ जल्द
पूजा सिर्फ़ सामग्री नहीं है। साथ में:
- आरती और भजन, जैसे घरों में गाए जाते हैं
- लोक गीत — किस गाँव के, कब गाए जाते हैं
पहला डिब्बा, आपके नाम।
प्री-ऑर्डर खुले हैं। WhatsApp पर नाम और शहर भेजिए — डिब्बा तैयार होते ही हम बताएँगे।
WhatsApp पर प्री-ऑर्डर · +91 98738 44302 hello@gaondwar.com